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नक्षत्र · विशाखा

विशाखा नक्षत्र: स्वामी गुरु, तुला और वृश्चिक राशि में

विशाखा 27 नक्षत्रों में 16वाँ है। इसकी राशि और चरण, इसका स्वामी और दशा, मिलान के लिए इसका गण, योनि और नाड़ी, और मुहूर्त के लिए इसका स्वभाव।

लेखक · प्रकाशित · अपडेट · जाँचा गया: BPHS, के. एस. चरक और मुहूर्त चिंतामणि

संक्षेप में

विशाखा नक्षत्र 27 नक्षत्रों में 16वाँ है, निरयन राशिचक्र का 200°–213°20', चरण 1, 2, 3 तुला (Libra) में और चरण 4 वृश्चिक (Scorpio) में। इसका स्वामी गुरु है, इसलिए इसमें जन्मे लोगों के जीवन की शुरुआत गुरु की 16 वर्ष की विंशोत्तरी दशा से होती है। यह राक्षस गण और अंत्य नाड़ी का नक्षत्र है।

विशाखा नक्षत्र एक नज़र में

विशाखा
क्रम 27 में से 16वाँ
अंश निरयन राशिचक्र का 200°–213°20'
राशि चरण 1, 2, 3 तुला (Libra) में और चरण 4 वृश्चिक (Scorpio) में
स्वामी गुरु, जिसकी विंशोत्तरी दशा 16 वर्ष की होती है
गण राक्षस
योनि व्याघ्र (बाघ)
नाड़ी अंत्य
स्वभाव (मुहूर्त) मिश्र
विवाह नक्षत्र नहीं

विशाखा नक्षत्र के 4 चरण

हर चरण 3°20' का है। जब नक्षत्र दो राशियों में फैला हो तो चरण राशि तय करता है, और चंद्रमा को नवांश (D9) की एक राशि में रखता है।

चरण अंश राशि नवांश राशि
चरण 1 200°–203°20' तुला (Libra) मेष (Aries)
चरण 2 203°20'–206°40' तुला (Libra) वृषभ (Taurus)
चरण 3 206°40'–210° तुला (Libra) मिथुन (Gemini)
चरण 4 210°–213°20' वृश्चिक (Scorpio) कर्क (Cancer)

आगे पढ़ें: तुला (Libra) और वृश्चिक (Scorpio)।

विशाखा नक्षत्र और विंशोत्तरी दशा

विशाखा का स्वामी गुरु है, और पुनर्वसु और पूर्वा भाद्रपद का भी। विशाखा की बिल्कुल शुरुआत में जन्मे व्यक्ति के सामने गुरु की दशा के पूरे 16 वर्ष होते हैं; अंत के पास जन्मे के सामने थोड़े ही। अगली दशा शनि की होती है। गुरु मंत्र और उपाय देखें।

मिलान और मुहूर्त में विशाखा

अष्टकूट मिलान में विशाखा जन्म नक्षत्र का गण, योनि और नाड़ी देता है: राक्षस, व्याघ्र (बाघ) और अंत्य। एक ही नाड़ी वाले दो लोगों को इसके 8 में से 0 अंक मिलते हैं, यानी नाड़ी दोष, जब तक चरक की बताई कोई छूट लागू न हो। दो नक्षत्र मुफ़्त नक्षत्र मिलान (अंग्रेज़ी में) पर जाँचें।

मुहूर्त के लिए विशाखा मिश्र स्वभाव का नक्षत्र है, जो इनके लिए अनुकूल है: रोज़मर्रा का काम और सामान्य व्यापार। यह विवाह के ग्यारह नक्षत्रों में नहीं है।

विशाखा नक्षत्र के बारे में सवाल

विशाखा नक्षत्र किस राशि में है?

विशाखा के चरण 1, 2, 3 तुला (Libra) में और चरण 4 वृश्चिक (Scorpio) में हैं। आपकी राशि कौन सी है, यह आपके चरण पर निर्भर है।

विशाखा नक्षत्र का स्वामी कौन है?

विशाखा का स्वामी गुरु है, जो पुनर्वसु और पूर्वा भाद्रपद का भी स्वामी है। अगर आपका जन्म विशाखा में हुआ है, तो आपकी पहली विंशोत्तरी दशा गुरु की है, जो पूरी 16 वर्ष की होती है।

विशाखा नक्षत्र का गण, योनि और नाड़ी क्या है?

विशाखा राक्षस गण, व्याघ्र (बाघ) योनि और अंत्य नाड़ी का नक्षत्र है (के. एस. चरक की तालिकाएँ)। ये अष्टकूट मिलान में काम आते हैं।

क्या विशाखा नक्षत्र विवाह के लिए अच्छा है?

विवाह की तारीख के लिए, विशाखा मुहूर्त चिंतामणि अध्याय 6 के ग्यारह विवाह नक्षत्रों में नहीं है। किसी जोड़े के लिए अकेला नक्षत्र नहीं, बल्कि दोनों के जन्म नक्षत्रों का मिलान मायने रखता है।

विशाखा नक्षत्र को अंग्रेज़ी में क्या कहते हैं?

अंग्रेज़ी में विशाखा को Vishakha लिखते हैं: वैदिक राशिचक्र का 16वाँ नक्षत्र (lunar mansion), निरयन राशिचक्र का 200° से 213°20', Libra और Scorpio में।

स्रोत

  • 13°20' के 27 नक्षत्र और 3°20' के 4 चरण: Astrojar का इंजन (लाहिड़ी अयनांश, निरयन राशिचक्र)।
  • नक्षत्रों के स्वामी और विंशोत्तरी वर्ष: BPHS का विंशोत्तरी दशा अध्याय, जैसे Astrojar के इंजन में दर्ज है (केतु 7, शुक्र 20, सूर्य 6, चंद्र 10, मंगल 7, राहु 18, गुरु 16, शनि 19, बुध 17 वर्ष)।
  • गण, योनि और नाड़ी: के. एस. चरक, Elements of Vedic Astrology, अध्याय XXVII (पृ. 456, 458, 460), वही तालिकाएँ जो Astrojar का नक्षत्र मिलान इस्तेमाल करता है।
  • मुहूर्त के लिए हर नक्षत्र का स्वभाव: मुहूर्त चिंतामणि अध्याय 2। विवाह के ग्यारह नक्षत्र: मुहूर्त चिंतामणि अध्याय 6।

यह शास्त्रों की पारंपरिक व्याख्या है, सीखने और समझने के लिए। यह आपके लिए भविष्यवाणी नहीं है, और न ही चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह है।

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