राशि · वृश्चिक (Scorpio)
वृश्चिक राशि: अंग्रेज़ी नाम Scorpio, स्वामी मंगल
वृश्चिक राशि अंग्रेज़ी में Scorpio है, आठवीं राशि। इसका स्वामी, तत्व और स्वभाव, इसमें आने वाले नक्षत्र, यहाँ उच्च होने वाले ग्रह, और इस चंद्र राशि की साढ़ेसाती की तिथियाँ।
संक्षेप में
वृश्चिक राशि को अंग्रेज़ी में Scorpio कहते हैं। यह वैदिक राशिचक्र की आठवीं राशि है, 210°–240°, और इसका स्वामी मंगल है। यह स्थिर स्वभाव की, जल तत्व की राशि है और इसमें विशाखा (चरण 4), अनुराधा (चारों चरण) और ज्येष्ठा (चारों चरण) आते हैं।
वृश्चिक राशि एक नज़र में
| वृश्चिक (Scorpio) | |
|---|---|
| अंग्रेज़ी नाम | Scorpio |
| संस्कृत और अन्य भारतीय नाम | Vrishchika; कन्नड़ ವೃಶ್ಚಿಕ, तमिल Viruchigam, तेलुगु Vruschika |
| स्थान | आठवीं राशि, निरयन राशिचक्र का 210°–240° |
| स्वामी | मंगल (यह मेष का भी स्वामी है) |
| स्वभाव | स्थिर |
| विषम या सम | सम: स्त्री |
| तत्व | जल (त्रिकोण के अनुसार; श्लोक में नहीं) |
| धातु (दोष) | कफ |
| कालपुरुष का अंग | गुप्तांग |
| बल | दिवा बली (दिन में बलवान) |
| दिशा | उत्तर |
| उदय | श्लोक में नहीं दिया गया |
| पाद | बहुपद (कई पैरों वाली) |
| गुण | श्लोक में नहीं दिया गया |
| नक्षत्र-चरण | विशाखा (चरण 4), अनुराधा (चारों चरण) और ज्येष्ठा (चारों चरण) |
| उच्च, नीच, मूलत्रिकोण | इस राशि में कोई ग्रह उच्च का नहीं होता; चंद्र यहाँ नीच का होता है। |
BPHS में वृश्चिक राशि का वर्णन
BPHS के अनुसार वृश्चिक पतली राशि है, रंग लाल-भूरा, बहुपद (कई पैरों वाली), दिवा बली (दिन में बलवान), उत्तर दिशा की, और इसका स्थान बिल, जल और भूमि है। श्लोक इसे तीक्ष्ण और उग्र बताता है। (BPHS अध्याय 4 श्लोक 15-16½, दूसरा भाग।)
कालपुरुष (काल के शरीर) में वृश्चिक राशि का अंग गुप्तांग है (श्लोक 4)। ये राशि के गुण हैं, जिनसे उसमें पड़ी किसी भी चीज़ को पढ़ा जाता है; ये उन लोगों के लिए भविष्यवाणी नहीं हैं जिनका चंद्रमा इस राशि में है। जब वृश्चिक उदय राशि हो, तो उसके भावों के स्वामी वृश्चिक लग्न पर देखें।
वृश्चिक राशि में उच्च और नीच ग्रह
इस राशि में कोई ग्रह उच्च का नहीं होता; चंद्र यहाँ नीच का होता है। कोई ग्रह एक राशि में उच्च और उसके ठीक सामने की राशि में नीच होता है (BPHS अध्याय 3)।
वृश्चिक राशि की साढ़ेसाती
वृश्चिक चंद्र राशि के लिए साढ़ेसाती वे लगभग साढ़े सात वर्ष हैं जब शनि तुला, वृश्चिक और धनु राशियों से गुज़रता है, यानी चंद्र राशि से 12वीं, पहली और दूसरी राशि। अगली साढ़ेसाती: सितंबर 2041 – दिसंबर 2049। तीन चरणों के लिए साढ़ेसाती गाइड (अंग्रेज़ी में) देखें।
वृश्चिक राशि के बारे में सवाल
वृश्चिक राशि को अंग्रेज़ी में क्या कहते हैं?
वृश्चिक राशि (Vrishchika) को अंग्रेज़ी में Scorpio कहते हैं। यह राशिचक्र की आठवीं राशि है, वैदिक (निरयन) राशिचक्र का 210° से 240°।
वृश्चिक राशि का स्वामी कौन है?
वृश्चिक राशि (Scorpio) का स्वामी मंगल है, जो मेष राशि का भी स्वामी है।
वृश्चिक राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?
वृश्चिक राशि में 9 नक्षत्र-चरण हैं: विशाखा (चरण 4), अनुराधा (चारों चरण) और ज्येष्ठा (चारों चरण)।
वृश्चिक राशि में कौन सा ग्रह उच्च का होता है?
इस राशि में कोई ग्रह उच्च का नहीं होता; चंद्र यहाँ नीच का होता है।
वृश्चिक राशि की साढ़ेसाती कब है?
वृश्चिक चंद्र राशि के लिए साढ़ेसाती वे लगभग साढ़े सात वर्ष हैं जब शनि तुला, वृश्चिक और धनु राशियों से गुज़रता है, यानी चंद्र राशि से 12वीं, पहली और दूसरी राशि। अगली साढ़ेसाती: सितंबर 2041 – दिसंबर 2049।
वृश्चिक राशि का तत्व क्या है?
वृश्चिक जल तत्व की राशि है, स्वभाव से स्थिर, और स्त्री राशि (BPHS अध्याय 4 श्लोक 5)।
स्रोत
- BPHS अध्याय 4 श्लोक 3 (12 राशियाँ), श्लोक 4 (कालपुरुष के अंग), श्लोक 5 (चर, स्थिर, द्विस्वभाव; विषम और सम; धातु) और श्लोक 6-24 (हर राशि का वर्णन)।
- BPHS अध्याय 3 (राशियों के स्वामी, उच्च, नीच और मूलत्रिकोण), जैसे Astrojar के इंजन में दर्ज हैं।
- साढ़ेसाती की तिथियाँ: Astrojar के इंजन से गणना (लाहिड़ी अयनांश, शनि का निरयन राशि-प्रवेश), 18 अक्टूबर 2026 की स्थिति।
अध्याय और श्लोक संख्याएँ बृहत् पाराशर होरा शास्त्र (BPHS) के आर. संथानम के अंग्रेज़ी अनुवाद (Ranjan Publications) के अनुसार हैं।
यह शास्त्रों की पारंपरिक व्याख्या है, सीखने और समझने के लिए। यह आपके लिए भविष्यवाणी नहीं है, और न ही चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह है।
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